लोनावला: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी और मृतक की मंगेतर सिया गोयल ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच के इस कदम से केस से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं और अब तक सामने नहीं आए तथ्य उजागर हो सकते हैं।
डिलीट किए गए डेटा पर पुलिस की नजर
जांच के दौरान पुलिस को संदेह है कि केतन अग्रवाल की मौत के बाद उसके मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण फोटो, वीडियो और चैट हटाए गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि घटना के बाद कुछ समय तक मोबाइल फोन सिया गोयल के पास था और इसी दौरान डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है।
अब पुलिस मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है, ताकि हटाए गए डेटा को रिकवर कर घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा सकें।
सीसीटीवी फुटेज से जुड़े विवाद पर होगा वैज्ञानिक परीक्षण
मामले की जांच कर रही टीम अब गेट एनालिसिस टेस्ट कराने की तैयारी में है। यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें किसी व्यक्ति की चाल-ढाल और चलने के तरीके का विश्लेषण किया जाता है।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज में हुडी और हेडफोन पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया है। दूसरी ओर बचाव पक्ष का दावा है कि फुटेज में नजर आ रहा व्यक्ति आरोपी चेतन नहीं है। ऐसे में गेट एनालिसिस टेस्ट के जरिए इस विवाद को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
क्राइम सीन री-क्रिएशन भी कर चुकी है पुलिस
जांच के दौरान पुलिस सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन को अलग-अलग घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन री-क्रिएट कर चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि घटनाक्रम को दोबारा समझने से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जो जांच को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दी लिखित सहमति
कानूनी प्रावधानों के तहत किसी भी आरोपी का पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट उसकी स्वैच्छिक सहमति के बिना नहीं कराया जा सकता। सिया गोयल ने इस जांच प्रक्रिया के लिए लिखित अनुमति दे दी है। इसके बाद पुलिस आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर टेस्ट कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
जांच एजेंसियों की नजर हर पहलू पर
पुलिस अब डिजिटल फोरेंसिक, पॉलीग्राफ टेस्ट, गेट एनालिसिस और अन्य वैज्ञानिक तरीकों के जरिए मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन जांच प्रक्रियाओं से घटना से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं और हत्याकांड की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
